
कुरान – सूरह 2 – आयतें 11-12
सूरा 2, आयत 11–12: जो स्वयं को सुधारक कहते हैं, वे अनजाने में अव्यवस्था फैला सकते हैं. हृदय की अंधता पर एक तुलनात्मक विश्लेषण.

सूरा 2, आयत 11–12: जो स्वयं को सुधारक कहते हैं, वे अनजाने में अव्यवस्था फैला सकते हैं. हृदय की अंधता पर एक तुलनात्मक विश्लेषण.